नेपाल अरबों का यूरेनियम भंडार अमेरिका को सौंपने की योजना बना रहा है, जो चीन की सीमा के निकट स्थित एक विशेष क्षेत्र में है। इस कदम को लेकर बालेंद्र शाह की मजबूरी और अमेरिका की रणनीति पर चर्चा हो रही है।

अमेरिका के सहायक विदेश मंत्री 20-22 अप्रैल तक नेपाल का दौरा करेंगे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका चीन को मात देने के लिए सक्रिय है। बालेंद्र शाह की भूमिका और निर्णयों पर भी नजरें टिकी हुई हैं।