वेदांता के शेयरों में 63% की गिरावट ने निवेशकों को झटका दिया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें फायदा होने की उम्मीद है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी के कारोबार के बंटने के बाद शेयरों की कीमत में बदलाव आएगा, जो दीर्घकालिक निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस गिरावट का मुख्य कारण कंपनी की डेमर्जर प्रक्रिया है, जिसने बाजार में अनिश्चितता पैदा की है। हालांकि, कुछ निवेशक इसे एक अवसर के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि विभाजन के बाद वेदांता के नए स्वरूप में संभावनाएं बढ़ सकती हैं।